एक माँ ऐसी भी... जो कभी माँ होने के एहसास को महसूस नहीं कर पाई... मां शब्द में पूरी दुनिया समाई है। ये एक ऐसा रिश्ता है जिसमे रिश्ते से जिंदगी है। ये एक ऐसा रिश्ता है जिस रिश्ते से जिंदगी का जन्म होता है और सांसे भी यही आकर थम जाती है। माँ तो हर धर्म में माँ ही होती है। माँ की ममता हर बच्चों के लिए एक जैसी होती है। अपने बच्चों के लिए देखे गए माँ के सपने भी कहीं न कहीं एक जैसे ही होते हैं। फर्क बस हालात का होता है। जिन हालातों में एक माँ अपने बच्चे की परवरिश करती है। एक माँ ऐसी भी होती है,जो मां होने के एहसास को कभी महसूस नहीं कर पाती है। एक माँ ऐसी भी जिसे हमेशा माँ के हक से वंचित रखा गया। हमने हमेशा देखा है कि बच्चों के जीवन पर एक माँ का सबसे ज्यादा अधिकार होता है। माँ के सपने अपने बच्चे के ही इर्द गिर्द घूमते हैं। जैसे जैसे बच्चें बड़े होते हैं माँ की उम्मीदों का दामन भी बड़ा होता जाता है। वो सोचती हैं कि जो चीजें वो बचपन में नहीं कर पाई वो सब उनके बच्चे करें। जिस ममता के दामन से वो अछूती रहीं उस प्यार भरे आंचल को वो अपने बच्चों को उढ़ा सकें। लेकिन ये जरूरी नहीं कि हर माँ का भ...